मैं फिर चुप रहा

आज मेरी नातिन ने मुझसे पूछ लिए कई यक्ष प्रश्न नाना ये टोपीवाले अंकल लोग क्या मांगने आते हैं स्वीटी के घर भी गए थे पर कोई उन्हें कुछ देता क्यों नहीं मैंने इस बार तो जवाब दे दिया देते हैं बेटा, वही- जो ये नेता लोग सबको देते हैं…

Continue reading

“जंगल से आती लाल आवाज़ “

“जंगल से आती लाल आवाज़ “ जंगल से आती सारी आवाजों का रंग देखा है मैंने ; शहर का हूँ इसलिए अव्वाज़ सुनिए नहीं देती दीखाइए देती है ; पहली आवाज़ का रंग हरा था ; उन् आवाजों से भला कौन डरा था | शहर बदला , इंसान जंगल मे…

Continue reading