एक तिरंगे की आत्म कथा

तिरंगे की आत्म कथा अपने सामने लाखो करोड़ों लोगों को झुकते , अकड़ते , गर्व महसूस करते देखा है किसी के लिए भगवान किसी के लिए शान तो किसी के लिए ईमान हूँ मैं .. इतने लोगों की भावनाओं का प्रतीक बन मुझे फक्र होता है लेकिन उस दिन मुझे…

Continue reading

जाड़ो का सच

“मम्मी, क्लास में सब कोट (ब्लेजर) पहन के आते है, अब तो मुझे भी जाड़ा होने लगा है, कोट ला दो ना प्लीज,” सौरभ लगभग रुआंसा हो गया | “बेटा एक-दो दिन की ही तो बात हैं, फिर तो छुट्टिया ही पड़ने वाली है,” माया बोली | “मम्मी, मैडम रोज…

Continue reading