गणतंत्र दिवस पे बहादुरी का करतब

२६ जनवरी २०१४ की सुबह ठण्ड गई नहीं थी पर हाँ, धूप का नामो-निशान न था । दिल्ली मे परेड शुरू हो चुकी थी और भैया भी गरम जलेबियाँ ले कर आ चुके थे । किचन से पूरियाँ छानने कि आवाज़ आनी शुरू हो चुकी थी और फिर मम्मी कि आवाज़…

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