कमलेश्वर को कुछ दिनों के लिए पाकिस्तान जाने का अवसर मिला, वहां की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को उन्होंने अपने अंदाज में पेश किया है. इस पुस्तक का विशेष प्रसंग है कमलेश्वर को लिखे उन कैदियों के पत्र, जो भारत और पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं
Category: Non-Fiction
Muhammad Ali: The King of the Ring – Lewis Helfand
Muhammad Ali was born Cassius Marcellus Clay, Jr. in 1942. A three-time World Heavyweight Champion he is widely considered one of the greatest boxers of all time. But Ali’s legacy reaches far beyond the world of sports. He changed his name from Clay to Ali after joining the Nation of Islam in 1964, and refused […]
India: An Introduction – Khushwant Singh
India: An Introduction is a highly readable and rewarding initiation into a complex, ancient civilization, by one of India’s most widely-read writers and journalists. Khushwant Singh tells the story of the land and its people from the earliest time to the present day. In broad, vivid sweeps he encapsulates the saga of the upheavals of […]
प्रिया नीलकण्ठी – कुबेरनाथ राय
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश भारतीय जन-जीवन के परम्परागत पैटर्न में दो रूपान्तरण आज हो रहा है उसकी समग्र अनुभूति प्राप्त करने की चेष्टा ही प्रिया नीलकण्ठी के निबन्धों की सृजन-प्रेरणा है। इस रूपान्तरण में ग्राम-संस्कृति के सूखते रस-बोध का स्थान यन्त्र-युग की बौद्धिकता लेती जा रही है,जिसने आज के व्यक्ति को अभिशप्त और […]
वयं रक्षामः – आचार्य चतुरसेन
पूर्व निवेदन मेरे हृदय और मस्तिष्क में भावों और विचारों की जो आधी शताब्दी की अर्जित प्रज्ञा-पूंजी थी, उन सबको मैंने ‘वयं रक्षाम:’ में झोंक दिया है। अब मेरे पास कुछ नहीं है। लुटा-पिटा-सा, ठगा-सा श्रान्त-कलान्त बैठा हूं। चाहती हूं-अब विश्राम मिले। चिर न सही, अचिर ही। परन्तु यह हवा में उड़ने का युग है। […]
वैशाली की नगरवधू – आचार्य चतुरसेन
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश ‘वैशाली की नगरवधू’ एक क्लासिक उपन्यास है जिसकी गणना हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में की जाती है। इस उपन्यास के संबंध में इसके आचार्य चतुरसेन जी ने कहा था : ‘‘मैं अब तक की सीमा सारी रचनाओं को रद्द करता हूँ और ‘वैशाली की नगरवधू’ को अपनी एकमात्र रचना […]
अभिज्ञान शाकुन्तलम् – कालिदास
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश भूमिका कालिदास संस्कृत साहित्य के सबसे बड़े कवि हैं। उन्होंने तीन काव्य और तीन नाटक लिखे हैं। उनके ये काव्य रघुवंश, कुमारसम्भव और मेघदूत हैं और नाटक अभिज्ञान शाकुन्तल, मालविकाग्निमित्र और विक्रमोर्वशीय हैं। इनके अतिरिक्त ऋतुसंहार भी कालिदास का ही लिखा हुआ कहा जाता है। इतना ही नहीं, लगभग […]
कामायनी : एक पुनर्विचार – गजानन माधव मुक्तिबोध
कामायनी : एक पुनर्विचार, समकालीन साहित्य के मूल्यांकन के सन्दर्भ में, नए मूल्यों का ऐतिहासिक दस्तावेज है ! उसके द्वारा मुक्तिबोध ने पुराणी लीक से एकदम हटकर प्रसादजी की कामायनी को एक विराट फैंटेसी के रूप में व्याख्यायित किया है, और वह भी इस वैज्ञानिकता के साथ कि उस प्रसिद्ध महाकाव्य के इर्द-गिर्द पूर्ववर्ती सौंदर्यवादी-रसवादी […]
राधा माधव रंग रंगी – विद्यानिवास मिश्र
राधा माधव रंग रंगी (गीतगोविन्द की सरस व्याख्या) प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश महाकवि जयदेव की कालजयी काव्यकृति ‘गीतगोविन्द’ भारत के सर्जनात्मक इतिहास की ऐसी महत्त्वपूर्ण घटना है जो निरन्तर प्रत्यक्ष अनुभव की जाती रही है; और आगे भी की जाती रहेगी। ‘गीतगोविन्द’ को देखने-सुनने, और समझने की भी एक अविच्छिन्न परम्परा रही है […]
Reading Gandhi – Kusum Lata Chadda
The present work is primarily written to meet the needs of students of Delhi University offering the paper Reading Gandhi in BA Honours 1 year. The course on Reading Gandhi is about how to read a text with special reference to the writings of Mahatma Gandhi. The discovery that the same text can be read […]