मैं समझता हूँ

"मैं समझता हूँ"

” डैड! आई लव सुप्रिया ” बेटी कि आवाज़ ने जैसे उसे अतीत के किसी खोये हुए कोने में धकेल दिया था। वो अतीत जो इतने उपचारों और तिरस्कारों के बाद अब काल्पनिक सा महसूस होता है। अपनी पहली मँगनी से 4 दिन पहले कि वो रात जब अनिल ने…

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गणतंत्र दिवस पे बहादुरी का करतब

२६ जनवरी २०१४ की सुबह ठण्ड गई नहीं थी पर हाँ, धूप का नामो-निशान न था । दिल्ली मे परेड शुरू हो चुकी थी और भैया भी गरम जलेबियाँ ले कर आ चुके थे । किचन से पूरियाँ छानने कि आवाज़ आनी शुरू हो चुकी थी और फिर मम्मी कि आवाज़…

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