प्रतिनिधि कविताएँ – भारत भूषण अग्रवाल

published in the year 2004 कवि, लेखक और समालोचक भारतभूषण अग्रवाल का जन्म 3 अगस्त 1919 (तुलसी-जयंती) को मथुरा (उ.प्र.) के सतघड़ा मोहल्ले में हुआ। उनका निधन 23 जून 1975 (सूर-जयंती) को हुआ। इन्होंने आगरा तथा दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त की फिर आकाशवाणी में तथा में तथा अनेक साहित्यिक संस्थाओं में सेवा की। पैतृक […]

रश्मिरथी – रामधारी सिंह “दिनकर”

विषय: कविताएँ “रश्मिरथी में स्वयं कर्ण के मुख से निकला है-मैं उनका आदर्श, कहीं जो व्यथा न खोल सकेगे पूछेगा जग, किन्तु पिता का नाम न बोल सकेंगे, जिनका निखिल विश्व में कोई कहीं न अपना होगा, मन में लिये उमंग जिन्हें चिर-काल कलपना होगा। कर्ण-चरित के उद्धार की चिन्ता इस बात का प्रमाण है […]

पश्यंती – धर्मवीर भारती

निबंध 1969   लेखक के बारे में: २५ दिसम्बर १९२६ को जन्मे धर्मवीर भारती आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक, कवि, नाटककार और सामाजिक विचारक थे। वे एक समय की प्रख्यात साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग के प्रधान संपादक भी थे। उनका उपन्यास गुनाहों का देवता सदाबहार रचना मानी जाती है. सूरज का सातवाँ घोड़ा को कहानी कहने […]

रवीन्द्र रचना संचयन – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

संपादक – बन्द्योपाध्याय, असित कुमार रवीन्द्रनाथ ठाकुर (बंगाली: রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর रोबिन्द्रोनाथ ठाकुर) (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) को गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। वे विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबल पुरस्कार विजेता हैं। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले […]

रात का रिपोर्टर – निर्मल वर्मा

वे दिन, लाल टीन की छत और एक चिथड़ा सुख जैसी कालजयी कृतियों के बाद उनका उपन्यास रात का रिपोर्टर सम्भवतः आपातकाल के दिनों को लेकर लिखा गया हिन्दी में पहला उपन्यास है.   निर्मल वर्मा हिन्दी के उन गिने-चुने साहित्यकारों में से हैं, जिन्हें अपने जीवन-काल में ही अपनी कृतियों को ‘क्लासिक’ बनते देखने […]

The Essays – Francis Bacon

One of the major political figures of his time, Sir Francis Bacon (1561-1626) served in the court of Elizabeth I and ultimately became Lord Chancellor under James I in 1617. A scholar, wit, lawyer and statesman, he wrote widely on politics, philosophy and science – declaring early in his career that ‘I have taken all […]

Hard Times – Charles Dickens

Hard Times – For These Times (commonly known as Hard Times) is the tenth novel by Charles Dickens, first published in 1854. The book appraises English society and highlights the social and economic pressures of the times.   “Now, what I want is, Facts. Teach these boys and girls nothing but Facts. Facts alone are […]

कुन्तो – भीष्म साहनी

भीष्म साहनी का यह उपन्यास ऐसे कालखंड की कहानी कहता है जब लगने लगा था कि हम इतिहास के किसी निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं, जब करवटें लेती ज़िंदगी एक दिशा विशेष की ओर बढ़ती जान पड़ने लगी थी। आपसी रिश्ते, सामाजिक सरोकार, घटना-प्रवाह के उतार-चढ़ाव उपन्यास के विस्तृत फलक पर उसी कालखंड के जीवन […]

India After Gandhi – Ramachandra Guha

India After Gandhi: The History of the World’s Largest Democracy A magisterial account of the pains, the struggles, the humiliations, and the glories of the world’s largest and least likely democracy, Ramachandra Guha’s India After Gandhi is a breathtaking chronicle of the brutal conflicts that have rocked a giant nation and the extraordinary factors that […]