पश्यंती – धर्मवीर भारती

निबंध 1969

 

लेखक के बारे में:
२५ दिसम्बर १९२६ को जन्मे धर्मवीर भारती आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक, कवि, नाटककार और सामाजिक विचारक थे। वे एक समय की प्रख्यात साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग के प्रधान संपादक भी थे।

उनका उपन्यास गुनाहों का देवता सदाबहार रचना मानी जाती है. सूरज का सातवाँ घोड़ा को कहानी कहने का अनुपम प्रयोग माना जाता है, जिस श्याम बेनेगल ने इसी नाम की फिल्म बनायी. अंधा युग उनका प्रसिद्ध नाटक है।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं: साँस की कलम से, मेरी वाणी गैरिक वसना, कनुप्रिया, सात गीत-वर्ष, ठंडा-लोहा, सपना अभी भी, सूरज का सातवाँ घोड़ा, बंद गली का आख़िरी मकान, पश्यन्ति, कहानी अनकही, शब्दिता, अँधा-युग, मानव-मूल्य और साहित्य और गुनाहों का देवता| डॉ धर्मवीर भारती को 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया |

४ सितम्बर, १९७७ को मुंबई में उनका देहावसान हो गया|

 

Image Credit:- http://www.pustak.org/books/bookdetails/1345

(Content Source – http://aatmana.blogspot.de/)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *