एक तिरंगे की आत्म कथा

तिरंगे की आत्म कथा अपने सामने लाखो करोड़ों लोगों को झुकते , अकड़ते , गर्व महसूस करते देखा है किसी के लिए भगवान किसी के लिए शान तो किसी के लिए ईमान हूँ मैं .. इतने लोगों की भावनाओं का प्रतीक बन मुझे फक्र होता है लेकिन उस दिन मुझे…

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जाड़ो का सच

“मम्मी, क्लास में सब कोट (ब्लेजर) पहन के आते है, अब तो मुझे भी जाड़ा होने लगा है, कोट ला दो ना प्लीज,” सौरभ लगभग रुआंसा हो गया | “बेटा एक-दो दिन की ही तो बात हैं, फिर तो छुट्टिया ही पड़ने वाली है,” माया बोली | “मम्मी, मैडम रोज…

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नीयत

सीमापार से गोलीबारी शुरू होते ही गुलफाम , उसके भाई बहन और माँ बाप उस बंकर नुमा गड्डे में छिप गए । पर ये क्या बकरियां आज खुले में ही बंधी रह गयीं । गुलफाम के माँ बाप एक दुसरे को इसके लिए दोषी ठहरा रहे थे । आखिर गुलफाम…

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अस्तित्व

कई महीनों बाद उसका फोन था । तुम्हारे जन्म दिन का गिफ्ट मैंने लिया था कैसे भिजवाऊँ के जवाब में ” मैं गिफ्ट सिर्फ उससे लेता जिसे दे सकूं ” कहकर चुप हुआ ही था कि पलट कर वो फिर बोली ‘ तो क्या करूं उसका ? ‘ … सोचा…

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Ten Minutes-Diez Minutos

If it wasn’t for the board outside, you wouldn’t want to have another glance at it. There weren’t, what you call, ordinary rooms in it. The denizens preferred to call them their coops. It was in these coops, they found a love each morning, lost it by night, and woke…

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सोमदेव

“अबे ओ सोमी , इधर आ” , उस कड़कदार आवाज़ ने, सड़क पे जाते एक अधेड़ व्यक्ति को एकदम से रोक दिया. “ये सामान जरा ऊपर तक पहुंचवा दे, इस मतई के शरीर में तो जैसे जान ही नहीं है” भजनलाल अपने नौकर मतई की ओर आंखे तरेरते हुए बोले.…

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