Muhammad Ali was born Cassius Marcellus Clay, Jr. in 1942. A three-time World Heavyweight Champion he is widely considered one of the greatest boxers of all time. But Ali’s legacy reaches far beyond the world of sports. He changed his name from Clay to Ali after joining the Nation of Islam in 1964, and refused […]
India: An Introduction – Khushwant Singh
India: An Introduction is a highly readable and rewarding initiation into a complex, ancient civilization, by one of India’s most widely-read writers and journalists. Khushwant Singh tells the story of the land and its people from the earliest time to the present day. In broad, vivid sweeps he encapsulates the saga of the upheavals of […]
दीवान ए गालिब – अली सरदार जाफरी
साहित्य के हज़ारों साल लम्बे इतिहास में जिन चन्द काव्य-विभूतियों को विश्वव्यापी सम्मान प्राप्त है, ग़ालिब उन्हीं में से एक हैं। उर्दू के इस महान शायर ने अपनी युगीन पीड़ाओं को ज्ञान और बुद्धि के स्तर पर ले जाकर जिस ख़ुबसूरती से बयान किया, उससे समूची उर्दू शायरी ने एक नया अन्दाज़ पाया और वही […]
वोल्गा से गंगा – राहुल सांकृत्यायन
वोल्गा से गंगा पुस्तक महापंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखी गई बीस कहानियों का संग्रह है। इस कहानी-संग्रह की बीस कहानियाँ आठ हजार वर्षों तथा दस हजार किलोमीटर की परिधि में बँधी हुई हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि यह कहानियाँ भारोपीय मानवों की सभ्यता के विकास की पूरी कड़ी को सामने रखने में […]
आँसू – जयशंकर प्रसाद
इस करुणा कलित हृदय में अब विकल रागिनी बजती क्यों हाहाकार स्वरों में वेदना असीम गरजती? मानस सागर के तट पर क्यों लोल लहर की घातें कल कल ध्वनि से हैं कहती कुछ विस्मृत बीती बातें? आती हैं शून्य क्षितिज से क्यों लौट प्रतिध्वनि मेरी टकराती बिलखाती-सी पगली-सी देती फेरी? क्यों व्यथित व्योम गंगा-सी छिटका […]
संसद से सड़क तक – धूमिल
रक्तपात – कहीं नहीं होगा सिर्फ़, एक पत्ती टूटेगी! एक कन्धा झुक जायेगा! फड़कती भुजाओं और सिसकती हुई आँखों को एक साथ लाल फीतों में लपेटकर वे रख देंगे काले दराज़ों के निश्चल एकान्त में जहाँ रात में संविधान की धाराएँ नाराज़ आदमी की परछाईं को देश के नक्शे में बदल देती है पूरे आकाश […]
प्रिया नीलकण्ठी – कुबेरनाथ राय
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश भारतीय जन-जीवन के परम्परागत पैटर्न में दो रूपान्तरण आज हो रहा है उसकी समग्र अनुभूति प्राप्त करने की चेष्टा ही प्रिया नीलकण्ठी के निबन्धों की सृजन-प्रेरणा है। इस रूपान्तरण में ग्राम-संस्कृति के सूखते रस-बोध का स्थान यन्त्र-युग की बौद्धिकता लेती जा रही है,जिसने आज के व्यक्ति को अभिशप्त और […]
वयं रक्षामः – आचार्य चतुरसेन
पूर्व निवेदन मेरे हृदय और मस्तिष्क में भावों और विचारों की जो आधी शताब्दी की अर्जित प्रज्ञा-पूंजी थी, उन सबको मैंने ‘वयं रक्षाम:’ में झोंक दिया है। अब मेरे पास कुछ नहीं है। लुटा-पिटा-सा, ठगा-सा श्रान्त-कलान्त बैठा हूं। चाहती हूं-अब विश्राम मिले। चिर न सही, अचिर ही। परन्तु यह हवा में उड़ने का युग है। […]
वैशाली की नगरवधू – आचार्य चतुरसेन
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश ‘वैशाली की नगरवधू’ एक क्लासिक उपन्यास है जिसकी गणना हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में की जाती है। इस उपन्यास के संबंध में इसके आचार्य चतुरसेन जी ने कहा था : ‘‘मैं अब तक की सीमा सारी रचनाओं को रद्द करता हूँ और ‘वैशाली की नगरवधू’ को अपनी एकमात्र रचना […]
अभिज्ञान शाकुन्तलम् – कालिदास
प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश भूमिका कालिदास संस्कृत साहित्य के सबसे बड़े कवि हैं। उन्होंने तीन काव्य और तीन नाटक लिखे हैं। उनके ये काव्य रघुवंश, कुमारसम्भव और मेघदूत हैं और नाटक अभिज्ञान शाकुन्तल, मालविकाग्निमित्र और विक्रमोर्वशीय हैं। इनके अतिरिक्त ऋतुसंहार भी कालिदास का ही लिखा हुआ कहा जाता है। इतना ही नहीं, लगभग […]